लखनऊ के इको गार्डन में आशा और आशा संगिनी संघ का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन, राज्य कर्मचारी का दर्जा और उचित मानदेय की पुरजोर मांग

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में अपनी विभिन्न और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी संगठन द्वारा एक विशाल अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई हजारों की संख्या में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हुईं।
कम मानदेय और शोषण के खिलाफ मुखर हुईं महिलाएं
धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि वे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जाता है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में मिलने वाला अल्प मानदेय उनके और उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए नाकाफी है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें:
- सभी आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को ‘राज्य कर्मचारी’ का दर्जा दिया जाए।
- मानदेय में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
- जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
नारेबाजी से गूंजा इको गार्डन
प्रदर्शन के दौरान पूरा इको गार्डन परिसरों में गूंज उठा। महिलाओं ने “हम सब एक हैं”, “आशा एकता जिंदाबाद”, “संगिनी एकता जिंदाबाद” और “राज्य कर्मचारी का दर्जा लेकर रहेंगे” जैसे नारे लगाकर अपनी एकजुटता का कड़ा संदेश दिया। संगठन की नेत्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर विचार कर समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।




