सुल्तानपुर की सियासत में ‘गुलाबी पगड़ी’ वाले नेता की चर्चा तेज: सपा टिकट के दावों और सियासी चालों के बीच सियासत गरमाई

सुल्तानपुर:
सुलतानपुर की राजनीति में इन दिनों विभिन्न दलों के पारंपरिक रंगों (भगवा, नीला, हरा-लाल) के बीच एक खास पहचान खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। सिर पर बंधी ‘गुलाबी पगड़ी’ (पिंक साफा) वाले एक स्थानीय नेता अपने अनोखे अंदाज और तीखे बयानों के चलते हमेशा राजनीतिक गलियारों में केंद्र में रहते हैं। लोगों का कहना है कि इन नेताजी के बयान और सियासी कदम कब क्या रुख ले लें, इसका अनुमान लगाना कठिन होता है।
शतरंज की चाल और टिकट की दावेदारी:
जमीनी राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अपने सियासी मुकाम को पाने के लिए यह नेता गजब की रणनीतिक चालें चलते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि इस बार भी वे समाजवादी पार्टी (सपा) से टिकट हासिल कर विधायक बनने का दावा ठोक रहे हैं, जिसके लिए उनका जनसंपर्क अभियान और मुलाकातों का दौर जोरों पर है। जनता से मेलजोल बढ़ाना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा माना जाता है।
‘आश्वासन मंत्री’ के रूप में चर्चा:
अपनी तेज-तर्रार और बारीक राजनीति के बीच वे अपने बयानों और वादों को लेकर भी घिरे नजर आते हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर काम करने वाले वर्करों को तवज्जो देने के नाम पर बड़े-बड़े वित्तीय आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन आरोप है कि महीनों और साल बीत जाने के बाद भी भुगतान या वादे जमीन पर नहीं उतरते। इसी वजह से विरोधी और यहां तक कि कई समर्थक भी उन्हें दबी जुबान में ‘आश्वासन मंत्री’ की संज्ञा देने लगे हैं।
सुलतानपुर की इस पेचीदा और दिलचस्प सियासत में गुलाबी पगड़ी वाले इस नेता की अगली चाल क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
(रिपोर्ट: सुल्तानपुर संवाददाता – सलीम इदरीसी, रिपोर्टर)




