84वें दिन भी जारी रहा छाता चीनी मिल का धरना, 30 नवंबर को 10 हजार किसानों के साथ लखनऊ कूच का ऐलान 1,000 ट्रैक्टरों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे किसान, ललित कर्मयोगी ने अफवाहों को किया खारिज, आंदोलनकारियों से एकजुट रहने की अपील

84वें दिन भी जारी रहा छाता चीनी मिल का धरना, 30 नवंबर को 10 हजार किसानों के साथ लखनऊ कूच का ऐलान
1,000 ट्रैक्टरों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे किसान, ललित कर्मयोगी ने अफवाहों को किया खारिज, आंदोलनकारियों से एकजुट रहने की अपील
मंडल प्रभारी, गनेश कुमार माहौर
मथुरा। छाता क्षेत्र में गन्ना चीनी मिल चालू कराने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 84वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। देर रात धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व सैनिक एवं किसान नेता ललित कर्मयोगी ने आंदोलन को लेकर विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों का खंडन करते हुए किसानों से एकजुट रहने की अपील की।ललित कर्मयोगी ने कहा कि पिछले चार दिनों से मंच पर उनकी अनुपस्थिति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही थीं, जबकि वह 30 नवंबर को प्रस्तावित बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुटे हुए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में गन्ना चीनी मिल स्थापित और संचालित कराने की मांग से कोई समझौता नहीं होगा। क्षेत्र को चीनी मिल दिलाकर ही दम लेंगे।30 नवंबर को 10 हजार किसानों के साथ लखनऊ कूचआंदोलन को प्रदेश स्तर पर मजबूत करने की घोषणा करते हुए ललित कर्मयोगी ने कहा कि 30 नवंबर को 1,000 ट्रैक्टरों के साथ करीब 10,000 किसान लखनऊ के लिए कूच करेंगे। इसके लिए वह गांव-गांव पहुंचकर किसानों को लामबंद करने और आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन जहां भी किसानों को रोकेगा, किसान वहीं बैठकर अपना धरना शुरू कर देंगे।बहकावे में न आएं किसान और आंदोलनकारी ललित कर्मयोगी ने कहा कि कुछ लोग विरोधियों के बहकावे और प्रलोभन में आकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि वे किसी के झांसे में न आएं और आपसी एकजुटता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसानों का यह संघर्ष क्षेत्र के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के रोजगार से जुड़ा हुआ है।उन्होंने 2027 का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता को ऐसा जनप्रतिनिधि मिलना चाहिए, जो किसानों के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा हो, ताकि भविष्य में किसानों को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन न करना पड़े।देर रात तक धरना स्थल पर सैकड़ों किसान मौजूद रहे। धरने पर पहुंचे ललित कर्मयोगी ने सबसे पहले मातृशक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद किसानों के साथ नारेबाजी करते हुए चीनी मिल चालू कराने की मांग को लेकर हुंकार भरी। किसानों ने भी आंदोलन को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।




