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“17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स? यह पागलपन है!”: CBSE छात्रों से मिलकर केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

नई दिल्ली।

सीबीएसई (CBSE) 12वीं की परीक्षा में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम और रिजल्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार (31 मई 2026) को उन पीड़ित छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने अपनी कॉपियों की चेकिंग पर सवाल उठाए थे। इस मुलाकात का एक वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और सीबीएसई पर तीखा हमला बोला है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिन छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई और सरकार से साधारण सवाल पूछे थे, उन्हें जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया पर ‘एंटी-नेशनल’ (देशद्रोही), ‘पाकिस्तानी’ और ‘सोरोस एजेंट’ कहकर अपमानित किया गया।

“17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स…” — राहुल गांधी का तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बातचीत का एक 90 सेकंड का वीडियो क्लिप साझा किया। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा:

मेरे साथी ‘देशद्रोही सोरोस एजेंट्स’ के साथ एक आंखें खोल देने वाली बातचीत। वेदांत और उसके दोस्त बेहद प्रतिभाशाली और बहादुर युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से सीधे और आसान सवाल पूछे थे, लेकिन उन्हें जवाब के बदले सिर्फ अपमान मिला। वे एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के हकदार हैं और हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें यह मिले।”

वीडियो में जब एक छात्र ने बताया कि सोशल मीडिया पर सवाल उठाने के बाद उन्हें ‘डीप स्टेट’ का एजेंट और ‘देश विरोधी’ बताया गया, तो राहुल गांधी ने हंसते हुए कहा, “17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स… यह तो पागलपन है। आप तो सिर्फ अपनी आंसर शीट मांग रहे थे, लेकिन अचानक आपको एंटी-नेशनल बना दिया गया।”

क्या है पूरा विवाद? (CBSE OSM Row)

यह पूरा मामला सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट के बाद तब शुरू हुआ जब वेदांत श्रीवास्तव नाम के एक छात्र ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की।

गलत आंसर शीट अपलोड हुई: वेदांत का फिजिक्स का पेपर बहुत अच्छा गया था, लेकिन जब नंबर बेहद कम आए तो उन्होंने पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन किया। जब पोर्टल पर स्कैन की गई कॉपी अपलोड हुई, तो वह हैरान रह गए। उस आंसर शीट पर लिखावट (Handwriting) वेदांत की थी ही नहीं। यानी उनके रोल नंबर पर किसी और बच्चे की कॉपी अपलोड कर दी गई थी।

ट्रोलिंग का शिकार: जैसे ही वेदांत और उनके साथियों ने इस तकनीकी खामी को उजागर किया, सोशल मीडिया पर एक खास धड़े द्वारा उन्हें निशाना बनाया जाने लगा। उन्हें “पाकिस्तानी एजेंट” और “टूलकिट का हिस्सा” तक कहा गया।

सीबीएसई की सफाई: विवाद बढ़ता देख आखिरकार सीबीएसई को अपनी गलती माननी पड़ी। बोर्ड ने स्वीकार किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के दौरान गलत आंसर शीट अपलोड हो गई थी, जिसे बाद में सुधार कर छात्र की सही कॉपी उसकी ईमेल आईडी पर भेज दी गई।

परीक्षाओं को लेकर राहुल गांधी के तीखे सवाल

राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को लेकर सरकार की मंशा और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा:

समस्या को स्वीकार न करना: राहुल गांधी के अनुसार, “अगर आप किसी समस्या का समाधान चाहते हैं, तो पहले उसे स्वीकार करना होगा। लेकिन यह सरकार कमी मानने के बजाय बेचारे बच्चों को ही दोषी ठहरा देती है कि वे जासूस या आतंकवादी हैं।”

एजेंसी के चयन पर सवाल: कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि सीबीएसई ने डिजिटल चेकिंग (OSM) का ठेका COEMPT नामक कंपनी को क्यों दिया, जो पहले तेलंगाना में ‘ग्लोबारिना’ नाम से विवादों में रह चुकी थी।

इससे पहले भी राहुल गांधी ने NEET, CUET, SSC और CBSE परीक्षाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि जो सरकार देश में एक परीक्षा पूरी ईमानदारी से नहीं करा सकती, वह विश्वगुरु बनने के दावे कर रही है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी (SIT) गठन की मांग की है।

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