स्मार्ट मीटर का नया खेल: रिचार्ज खत्म होते ही कटेगा कनेक्शन, नहीं मिलेगी मोहलत।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर आपकी चिंता जायज है। हाल ही में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रीपेड व्यवस्था को लेकर नए नियम लागू हुए हैं। अगर आपके मीटर का बैलेंस जीरो हो जाता है, तो स्थिति कुछ इस प्रकार होगी:
प्रीपेड मीटर: बैलेंस जीरो होने पर क्या होगा?
ऑटोमैटिक बिजली गुल: बैलेंस शून्य (0) होते ही स्मार्ट मीटर अपने आप बिजली की सप्लाई काट देता है। 13 मार्च 2026 से यूपी में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो गई है।
नेगेटिव बैलेंस का खतरा: अगर बैलेंस खत्म होने के बाद भी किसी तकनीकी वजह से बिजली चालू रहती है, तो आपका बैलेंस माइनस में चला जाता है। ऐसे में आपको बकाया राशि और आगे की खपत दोनों का रिचार्ज एक साथ करना होगा।
कनेक्शन फीस: कुछ राज्यों (जैसे यूपी) में नियम है कि अगर बैलेंस जीरो होने पर बिजली कटती है, तो दोबारा कनेक्शन जोड़ने के लिए मामूली शुल्क (लगभग ₹10) देना पड़ सकता है।
क्या कोई राहत की अवधि (Grace Period) मिलती है?
विद्युत विभाग ने कुछ नियमों में रियायत दी है ताकि लोग “अंधेरे” में न रहें:
समय का नियम: आमतौर पर रात के समय या सरकारी छुट्टियों के दिन बिजली नहीं काटी जाती। कई जगह नियम है कि बिजली केवल सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच ही काटी जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने का समय मिल सके।
अलर्ट मैसेज: बैलेंस खत्म होने से पहले आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए चेतावनी दी जाती है।
रिचार्ज और बचाव के तरीके
UPPCL ऐप या वेबसाइट: आप सीधे विभाग के पोर्टल या ‘Suvidha’ ऐप से रिचार्ज कर सकते हैं।
डिजिटल वॉलेट: ऐप्स पर ‘Electricity’ सेक्शन में जाकर अपना ‘Consumer ID’ डालकर रिचार्ज किया जा सकता है।
* 2% की छूट: प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2% की अतिरिक्त छूट भी दी जा रही है।
विशेष सलाह
अपना बैलेंस हमेशा ₹100 से ऊपर रखें। स्मार्ट मीटर का सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड है, इसलिए बैलेंस जीरो होते ही सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के बिजली काट देता है। रिचार्ज करने के बाद सप्लाई आमतौर पर 15 से 30 मिनट के भीतर वापस आ जाती है।




