डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ CBI का बड़ा प्रहार: लॉन्च किया AI चैटबॉट ‘अभय’

नई दिल्ली: देश भर में तेज़ी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों और साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक निर्णायक कदम उठाया है। सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर “अभय” (Abhay) नाम का एक एडवांस्ड AI चैटबॉट लॉन्च किया है, जो नागरिकों को साइबर अपराधियों के जाल से बचाने के लिए 24×7 कवच के रूप में कार्य करेगा।
क्या है ‘अभय’ और यह कैसे काम करेगा?
‘अभय’ एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म है जिसे विशेष रूप से उन लोगों की मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें संदिग्ध कॉल या मैसेज प्राप्त होते हैं।
- तत्काल सत्यापन: यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई या नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर आपको डराने की कोशिश करता है, तो आप ‘अभय’ के जरिए उस कॉल की सत्यता की जांच कर सकेंगे।
- धोखाधड़ी की पहचान: यह चैटबॉट यूजर द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट, लिंक या कॉल डिटेल्स का विश्लेषण कर तुरंत बता देगा कि यह साइबर हमले का प्रयास है या नहीं।
- गाइडेंस और रिपोर्टिंग: डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में घबराने के बजाय, ‘अभय’ यूजर को चरण-दर-चरण निर्देश देगा कि आगे क्या करना है और मामले की शिकायत सीधे नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर कैसे दर्ज करनी है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
पिछले कुछ महीनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। अपराधी खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को घंटों वीडियो कॉल पर बंधक बनाए रखते हैं और भारी वसूली करते हैं। हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस खतरे के प्रति आगाह किया था और “रुको-सोचो-एक्शन लो” का मंत्र दिया था।
सीबीआई का संदेश
”डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया भारत में मौजूद नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर न तो किसी को गिरफ्तार करती है और न ही पैसे की मांग करती है। ‘अभय’ का उद्देश्य नागरिकों के मन से डर को निकालकर उन्हें जागरूक बनाना है।”— सीबीआई प्रवक्ता
सावधान रहें: यदि आपको कोई अज्ञात व्यक्ति डराने की कोशिश करे, तो तुरंत ‘अभय’ की सहायता लें या 1930 डायल करें। सतर्कता ही बचाव है




