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ऐतिहासिक धमाका: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO ला रहा है रिलायंस जियो, जुटाएगा ₹37,800 करोड़!

भारतीय शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल कर दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा की। यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है।

इस मेगा आईपीओ से जुड़ी पूरी रिपोर्ट और मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ (Jio IPO) — मुख्य विवरण

 

| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |

| :— | :— |

| संभावित इश्यू साइज| लगभग **₹37,700 करोड़ से ₹37,800 करोड़** ($4 बिलियन) |

| **फ्रेश शेयर इश्यू** | **27 करोड़ (270,000,000) इक्विटी शेयर** |

| **फेस वैल्यू (बेस वैल्यू)** | **₹10 प्रति शेयर** |

| **ऑफर फॉर सेल (OFS)** | लागू नहीं (कोई भी पुराना शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है) |

| **प्राइज बैंड और तारीखें** | अभी घोषणा नहीं हुई है (बुक-बिल्डिंग रूट के जरिए तय होगा) |

| **कहाँ होगी लिस्टिंग** | BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर |

 

> **पूरी तरह से फ्रेश इश्यू:** इस आईपीओ में कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) नहीं रखा गया है। इसका मतलब है कि मुकेश अंबानी या मौजूदा विदेशी निवेशक (जैसे मेटा और गूगल) अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। आईपीओ के जरिए जुटाया जाने वाला पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा।

>

जुटाए गए पैसों का कहाँ होगा इस्तेमाल?

जियो प्लेटफॉर्म्स के ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, इस आईपीओ से मिलने वाली रकम के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल उसकी मुख्य सहायक कंपनी **रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm)** के मौजूदा कर्ज को चुकाने (या समय से पहले भुगतान करने) के लिए किया जाएगा। बाकी बची हुई राशि का उपयोग कंपनी के सामान्य कामकाज और 5G नेटवर्क विस्तार के लिए होगा।

 टूटेगा हुंडई और LIC का रिकॉर्ड

यदि यह आईपीओ अनुमानित ₹37,800 करोड़ के आकार में बाजार में आता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। यह पिछले सभी बड़े रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ देगा:

* **हुंडई मोटर इंडिया (2024):** ₹27,870 करोड़

* **एलआईसी (LIC) (2022):** ₹21,008 करोड़

* **पेटीएम (Paytm) (2021):** ₹18,300 करोड़

### शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए कोटा सुरक्षित

आईपीओ के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के मौजूदा पात्र शेयरधारकों और कंपनी के कर्मचारियों के लिए एक हिस्सा (Reservation Portion) आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, नियमों के मुताबिक कुल इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए और न्यूनतम 35% हिस्सा रिटेल (आम निवेशकों) के लिए सुरक्षित होगा।

 मुकेश अंबानी का भावुक संदेश

AGM के दौरान शेयरधारकों को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा:

> “जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट पेपर को मंजूरी दे दी है। यह मेरे लिए, पूरे रिलायंस परिवार और हमारे करोड़ों देशवासियों के लिए एक बेहद भावुक क्षण है। जियो की लिस्टिंग दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।”>

वर्तमान में जियो के पास 52.4 करोड़ (524 मिलियन) से अधिक का एक विशाल सब्सक्राइबर बेस है, जो इसे चीन मोबाइल के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सिंगल-कंट्री टेलीकॉम ऑपरेटर बनाता है। ड्राफ्ट पेपर संभालने के लिए कोटक महिंद्रा, मॉर्गन स्टेनली और एक्सिस कैपिटल समेत 19 दिग्गज मर्चेंट बैंकर्स को नियुक्त किया गया है। आने वाले दिनों में सेबी की मंजूरी के बाद इसके प्राइज बैंड और तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।

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