PHP में गंभीर सुरक्षा खामी से साइबर जगत में हड़कंप: AI की मदद से हुआ खुलासा, भारत सरकार की एजेंसी ने भी जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली: इंटरनेट के एक बड़े हिस्से को संचालित करने वाली लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ‘PHP’ में एक दशक से अधिक समय से छिपी गंभीर सुरक्षा खामियों का पता चला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इन खामियों का खुलासा होने के बाद दुनियाभर में साइबर सुरक्षा को लेकर इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारत में भी बड़ी संख्या में वेबसाइट्स इस तकनीक पर निर्भर होने के कारण भारतीय यूज़र्स और संस्थानों पर इसका असर पड़ सकता है।
क्या है यह खामी और इसका असर?
PHP (हाइपरटेक्स्ट प्रीप्रोसेसर) एक ओपन-सोर्स बैक-एंड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसका इस्तेमाल विकिपीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स और वर्डप्रेस जैसी वेबसाइट्स के निर्माण के लिए किया जाता है। साइबर सुरक्षा कंपनियों (जैसे विज़ और कैलिफ़) के शोधकर्ताओं ने ओपनएआई की तकनीक की मदद से इन खामियों का पता लगाया। इन खामियों के जरिए हमलावर बिना किसी ऑथेंटिकेशन के प्रभावित वेब सर्वर पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एहतियाती कदम:
- सिस्टम ऑफ़लाइन: विकिमीडिया, फिनलैंड सरकार, एडिनबरा काउंसिल और बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सरकारी पोर्टल्स ने एहतियात के तौर पर अपने सिस्टम और वेबसाइट्स को अस्थायी रूप से ऑफ़लाइन कर दिया है।
- सुरक्षा अपडेट: डेवलपर्स ने इस समस्या को दूर करने के लिए नए इमरजेंसी सुरक्षा अपडेट जारी किए हैं, और वेबसाइट संचालकों से तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करने या जरूरत पड़ने पर प्लेटफॉर्म बंद करने की अपील की गई है। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) ने भी सरकारी विभागों को तुरंत सुरक्षा अपडेट लागू करने के निर्देश दिए हैं।
भारत के लिए कितनी बड़ी चिंता?
भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने इस खामी को ‘क्रिटिकल’ (गंभीर) श्रेणी में रखा है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि प्रभावित सर्वर पर हमलावर दूर से अपना कोड चलाकर सिस्टम का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकते हैं। इसे देखते हुए भारत में PHP पर आधारित वेबसाइट्स और ऑनलाइन सेवाओं के संचालकों को तुरंत अपने सर्वर के वर्जन की जांच करने और आवश्यक सुरक्षा पैच या अपडेट लागू करने की सलाह दी गई है।




