तमिलनाडु में ऐतिहासिक उलटफेर: 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

तमिलनाडु में नया सियासी मोड़: अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, राज्यपाल से की मुलाकात
चेन्नई |तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर के बाद, अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। 2026 के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, यह आंकड़ा बहुमत (118) से थोड़ा कम है, इसलिए पार्टी ने सरकार गठन के लिए अन्य दलों से समर्थन की कवायद शुरू कर दी है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा
टीवीके प्रमुख विजय और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। विजय ने राज्यपाल के सामने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है और सरकार गठन के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने हेतु अतिरिक्त समय मांगा है।
इससे पहले, मंगलवार को पनायूर स्थित पार्टी मुख्यालय में टीवीके के नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में विजय को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
संवैधानिक और राजनीतिक स्थिति
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चुनावी परिणाम: टीवीके ने राज्य की 234 सीटों में से 108 पर जीत दर्ज की है, जबकि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 59 सीटों के साथ दूसरे और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही है।
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प्रभावी संख्या बल: टीवीके प्रमुख विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) दोनों सीटों से चुनाव जीत लिया है। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद टीवीके की प्रभावी सदस्य संख्या 107 रह जाएगी। ऐसी स्थिति में 233 सदस्यों वाले सदन में बहुमत का आंकड़ा 117 हो जाएगा।
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समर्थन की तलाश: 117 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए टीवीके को 10 और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विजय ने कांग्रेस (5 सीटें) और अन्य छोटे दलों से संपर्क साधा है।
द्रविड़ राजनीति के एकाधिकार को चुनौती
पिछले पांच दशकों से अधिक समय से तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और एआईएडीएमके का ही दबदबा रहा है। टीवीके ने इन दोनों बड़ी पार्टियों के वर्चस्व को तोड़ते हुए लगभग 35% वोट शेयर हासिल किया है। विजय के युवा-केंद्रित वादों, शिक्षा, रोजगार और जन-कल्याणकारी पहलों ने मतदाताओं को उनकी पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए आकर्षित किया है।
अब सबकी निगाहें राज्यपाल के फैसले और कांग्रेस पार्टी के रुख पर टिकी हैं कि क्या वह टीवीके को समर्थन देगी या नहीं।




