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ब्रिक्स में गूंजी भारत की आवाज: टेक्नोलॉजी और मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, इससे दुनिया की तरक्की पर असर— PM मोदी

ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान कजान, रूस में आयोजित वैश्विक मंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। सम्मेलन के मुख्य सत्र और फोटो सेशन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ केंद्र में नजर आए।

भाषण के मुख्य बिंदु और कड़ा संदेश
- टेक्नोलॉजी और मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल गलत: प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और आधुनिक तकनीक पर कुछ देशों के एकाधिकार या उनका राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल वैश्विक प्रगति को बाधित करता है।




- सप्लाई चेन में पारदर्शिता की मांग: उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में किसी भी प्रकार का अवरोध या राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए, जिससे विकासशील और गरीब देशों को नुकसान उठाना पड़े।
- वैश्विक शांति और कूटनीति: पीएम मोदी ने युद्ध की जगह संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान केवल शांतिपूर्ण बातचीत से ही संभव है।
- ग्लोबल साउथ की आवाज: भारत ने एक बार फिर विकासशील देशों (Global South) के हितों को प्रमुखता से उठाया और सभी सदस्य देशों से समावेशी विकास के लिए काम करने का आह्वान किया।
कूटनीतिक महत्व
| पहलू | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| रणनीतिक संतुलन | रूस और चीन के शीर्ष नेताओं के मध्य पीएम मोदी की मौजूदगी ने वैश्विक राजनीति में भारत के मजबूत और तटस्थ रुख को दर्शाया। |
| आर्थिक सुरक्षा | तकनीक और संसाधनों के निष्पक्ष वितरण पर बल देकर भारत ने अपनी तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता के एजेंडे को मजबूत किया। |




