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जयपुर में रैपिडो और पोर्टर ऐप के ज़रिए चल रहा था ड्रग्स सप्लाई का खेल; बी-फार्मा छात्र समेत 2 गिरफ्तार

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑनलाइन डिलीवरी और राइड-शेयरिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर चलाए जा रहे एक बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मानसरोवर के सिटी पार्क के पास एक किराए के मकान में दबिश देकर रैपिडो और पोर्टर (Rapido & Porter) जैसी लॉजिस्टिक्स और राइडिंग ऐप्स की आड़ में ड्रग्स सप्लाई करने वाले गैंग का खुलासा किया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 439 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन), 466 ग्राम अफीम, पैकिंग सामग्री और ई-कॉमर्स कंपनियों के लेबल बरामद किए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब्त मादक पदार्थों की कीमत करीब ₹60 लाख आंकी गई है।

पढ़ने आए थे, बन गए ड्रग्स सप्लायर

मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाड़मेर निवासी मनीष ढाका (20) और गोपीकृष्ण उर्फ प्रिंस (20) के रूप में हुई है।

  • मुख्य आरोपी मनीष ढाका साल 2023 में जयपुर बी-फार्मेसी की पढ़ाई करने आया था।
  • पढ़ाई के दौरान वह कुछ असामाजिक तत्वों के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे मादक पदार्थों की सप्लाई में मोटी कमाई का लालच दिया।
  • इसके बाद उसका संपर्क बाड़मेर के एक मुख्य ड्रग तस्कर से कराया गया। नेटवर्क बढ़ाने के लिए मनीष ने अपने दोस्त गोपीकृष्ण को भी इस धंधे में शामिल कर लिया।

कैसे काम करता था ऑनलाइन डिलीवरी का यह मॉडल?

पूछताछ में तस्करों की एक लाइन के खुलासे ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए। आरोपी पूरी सप्लाई चेन को टेक-सेवी तरीके से संचालित कर रहे थे:

  1. व्हाट्सएप पर ऑर्डर और लोकेशन: बाड़मेर में बैठा मुख्य सप्लायर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आरोपियों के संपर्क में रहता था। वह व्हाट्सएप पर ड्रग्स की मात्रा, प्रकार और ग्राहक की लोकेशन भेजता था।
  2. रैपिडो-पोर्टर की बुकिंग: ऑर्डर मिलते ही आरोपी रैपिडो और पोर्टर जैसी ऐप के जरिए बाइक या कूरियर राइड बुक करते थे और छोटे पैकेटों में पार्सल बनाकर राइडर को सौंप देते थे। इसके बदले डिलीवरी कराने वाले को प्रति राइड लगभग ₹200 का कमीशन मिलता था।
  3. रात में ‘डेड ड्रॉप’ डिलीवरी: देर रात जब कूरियर सेवाएं बंद हो जाती थीं, तब आरोपी ड्रग्स की पुड़िया को शहर की किसी गुप्त या तय जगह पर छिपा देते थे (डेड ड्रॉप)। इसके बाद उस जगह की फोटो और जीपीएस लोकेशन ग्राहक को व्हाट्सएप कर दी जाती थी।
  4. ठिकाने बदलना: पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टीम को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार जयपुर के अलग-अलग इलाकों में किराए के कमरे बदलते रहते थे।

ब्यावर में भी ANTF की बड़ी कार्रवाई

जयपुर के अलावा ANTF की टीम ने ब्यावर सदर थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक कार को जब्त किया, जिसमें से 248 किलो डोडा पोस्त और 940 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया गया। इस मामले में जोधपुर निवासी लेखाराम विश्नोई और सूर्यप्रकाश विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है।

आईजी (ANTF) विकास कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में गिरोह के मुख्य सरगना और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स का इस्तेमाल किन-किन शहरों में किया जा रहा था।

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