ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 का आगाज: सुरक्षा के कड़े इंतजामों और नियंत्रित डीजे के साथ सुलतानपुर में गूंजा मां दुर्गा का जयकारा

सुलतानपुर: सुलतानपुर में ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हो चुका है, जिसके साथ ही पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुलतानपुर की यह ऐतिहासिक दुर्गा पूजा वर्षों से अपनी गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश करती आ रही है, जिसमें सभी धर्मों के लोग उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम:
महोत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (DM-SP) की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर है और विभिन्न जनपदों से आए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख मार्गों और पूजा पंडालों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के त्योहार का आनंद ले सकें।
नियंत्रित रही डीजे की आवाज, दिखा जनजागरूकता का असर:
इस वर्ष महोत्सव के पहले दिन डीजे की आवाज नियंत्रित रहने से लोगों ने खासी राहत महसूस की। बीते दिनों तेज आवाज वाले डीजे के खिलाफ चलाए गए जनजागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर साफ देखने को मिला। ‘घर फाउंडेशन’ द्वारा तेज आवाज से होने वाली परेशानियों के प्रति चलाई गई मुहिम और प्रशासन की सख्ती रंग लाती नजर आई। लोगों के सहयोग से धार्मिक माहौल बरकरार रहा और अनावश्यक शोरगुल पर प्रभावी अंकुश लगा।
गंगा-जमुनी तहजीब और अनुशासन का संगम:
सुलतानपुर की दुर्गा पूजा महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। प्रशासनिक सक्रियता, पुलिस की मुस्तैदी और नागरिकों की जागरूकता के बीच इस बार का यह आयोजन अनुशासन और सौहार्द का बेहतरीन संदेश दे रहा है।




