बांदा: पुलिस की घेराबंदी और हाउस अरेस्ट के बावजूद समाजवादियों का हल्लाबोल, जनसमस्याओं पर सौंपा ज्ञापन

बांदा। जनपद में आज समाजवादी पार्टी द्वारा ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब पुलिस प्रशासन ने पार्टी के दिग्गज नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। सरकार के इशारे पर हुई इस कार्रवाई और अशोक लाट चौराहे को छावनी में तब्दील किए जाने के बावजूद, सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
नेताओं की घेराबंदी, फिर भी नहीं डिगा हौसला
प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने सुबह से ही घेराबंदी शुरू कर दी थी। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मधुसूदन कुशवाहा, चित्रकूट सांसद श्रीमती कृष्णा शिवशंकर पटेल और बबेरू विधायक विशम्भर यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हालांकि, भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद भी सपा कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और “अखिलेश यादव जिंदाबाद” के नारों के साथ धरना स्थल पर डटे रहे।
सरकार पर तीखा हमला: ‘बुंदेलखंड पानी को तरस रहा’
प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद और महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव नीलम गुप्ता ने सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया। मीडिया से बात करते हुए नीलम गुप्ता ने कहा:
”जल जीवन मिशन का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बुंदेलखंड में लोग आज भी एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं; मणिपुर से लेकर कानपुर, फतेहपुर और नोएडा तक महिलाओं का शोषण हो रहा है और युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है।”
2027 के लिए चुनावी वादों का ऐलान
सपा नेताओं ने आने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है। नीलम गुप्ता ने बताया कि 2027 में अखिलेश यादव की सरकार आने पर:
- महिलाओं के खाते में ₹40,000 की सहायता राशि दी जाएगी।
- युवाओं को सुनिश्चित रोजगार मिलेगा।
- जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दिया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में जिला महासचिव एजाज खान, उर्मिला वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक दीक्षित, श्याम बाबू खंगार, मोहम्मद आरिफ रानू, राजू गुप्ता, अमोल जड़िया, नगर अध्यक्ष कुतैबा जमा खान, सुनीता रैकवार, निशा वर्मा, रियाज अली, सुमन, किरण वर्मा, ईशान सिंह, संदीप यादव, अरुण यादव, नीलम यादव, रजनी यादव और विधानसभा अध्यक्ष लालमन यादव सहित सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




