राघव चड्ढा को केंद्र से मिली ‘Z’ सुरक्षा: AAP से छिना पद, CM भगवंत मान बोले- “वो कम्प्रोमाइज़्ड हैं”

राघव चड्ढा को केंद्र से मिली ‘Z’ कैटेगरी सुरक्षा: AAP में मचे घमासान के बीच भगवंत मान ने कहा- “राघव कम्प्रोमाइज़्ड हैं”
नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार ने उन्हें ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है, वहीं दूसरी तरफ उनकी अपनी ही पार्टी (AAP) में उनके खिलाफ मोर्चा खुल गया है।
1. केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: दिल्ली और पंजाब में मिलेगी ‘Z’ सुरक्षा
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली और पंजाब में उन्हें अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के जवान सुरक्षा घेरे में रखेंगे।
सुरक्षा का समय और कारण:
अचानक फैसला: यह कदम तब उठाया गया जब 15 अप्रैल की सुबह ही पंजाब सरकार ने चड्ढा की Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी।
थ्रेट रिपोर्ट: सूत्रों के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट में चड्ढा की जान को खतरे की बात कही गई थी, जिसके आधार पर गृह मंत्रालय ने तुरंत यह निर्णय लिया।
2. पार्टी के भीतर ‘अपनों’ का ही विरोध
आम आदमी पार्टी के भीतर राघव चड्ढा की स्थिति पिछले कुछ दिनों से अस्थिर बनी हुई थी। पार्टी ने हाल ही में उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अशोक मित्तल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
3. भगवंत मान का बड़ा बयान: “राघव चड्ढा कम्प्रोमाइज़्ड हो चुके हैं”
पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तब और तीखा हो गया जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीधे तौर पर राघव चड्ढा पर निशाना साधा। मान ने एक बयान में कहा कि “राघव चड्ढा कम्प्रोमाइज़्ड हो चुके हैं।” पार्टी के अन्य नेताओं ने भी उन पर ‘पार्टी लाइन’ से हटकर काम करने और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं।
4. राघव चड्ढा का पलटवार: वीडियो जारी कर दी सफाई
अपने खिलाफ उठते सवालों और पार्टी की कार्रवाई पर राघव चड्ढा ने चुप्पी तोड़ते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है।
पार्टी पर निशाना: वीडियो में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए पार्टी नेतृत्व पर ही सवाल खड़े किए हैं।
बढ़ती खटास: चड्ढा के इस रुख के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनके और आम आदमी पार्टी के बीच के रिश्ते अब लगभग टूटने की कगार पर पहुँच गए हैं।
केंद्र द्वारा सुरक्षा दिए जाने और पार्टी द्वारा पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा की अगली राजनीतिक चाल क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या वे AAP से पूरी तरह अलग होंगे या पार्टी उनके खिलाफ कोई और सख्त कदम उठाएगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।



